विशेषण छत्तीसगढ़ी म - जउन सब्द ले संगिया नइते सर्वनाम के बिसेसता जाने जाथे वोला 'बिसेसन' केहे जाथे। बिसेसन ले संगिया नइते सर्वनाम के गुन, दोस अउ दसा के गियान होथे।
उदाहरन - दुखिया पातर देहे के हाबे।
ये कना 'पातर' सब्द ले दुखिया के दुब्बर सरीर के गियान होत हे, एकर सेती 'पातर' बिसेसन आय।
बिसेसन के गठन -
रूप - गठन के बिचार ले छत्तिसगढ़ी मा बिसेसन दू परकार के होथे -
1. मौलिक बिसेसन
2. यौगिक बिसेसन
1. मौलिक बिसेसन - उपसर्ग, परत्यय आदि के बिना जुड़े जउन सब्द ले कोनो संगिया नइते सर्वनाम के बिसेसता बताय जाथे वोला 'मौलिक बिसेसन' केहे जाथे।
जइसे - चाय तात हावे।
ये वाक्य मा चाय संगिया आय। 'तात' सब्द ले चाय के गरम होय के गियान होवत हे, फेर 'तात' सब्द मा उपसर्ग नइते परत्यय के रूप मा कुछ नइ जुड़ें हे, एकर सेती 'तात' मौलिक बिसेसन आय।
मौलिक बिसेसन के अउ उदाहरन - कइँच्चा, जूड़, बेझा, ढीठ, बिदरा, ठूठी, आघ, पाछू आदि मन हरें।
2. यौगिक बिसेसन - जउन सब्द उपसर्ग, परत्यय ऊ (आदि) के जुड़े ले बिसेसन बनथे वोला 'यौगिक बिसेसन' केहे जाथे।
जइसे - बिमरहा मनखे ताय।
ये बाक्य मा 'मनखे' संगिया आय। 'बिमरहा' सब्द ले मनखे के बीमार होय के गियान होवत हे। बिमरहा सब्द - 'बिमार' मा 'हा' परत्यय के जुड़े ले बन हे, एकर पाय के 'बिमरहा' ह सब्द यौगिक बिसेसन आय।
यौगिक बिसेसन मन अइसन ढंग ले बनथे -
संगिया परत्यय बिसेसन
अप्पत - इहा - अप्पतिहा
चउँका - हा - चउँकाहा
किरिया परत्यय बिसेसन
भिरंगना - हा - भिरंगहा
दँदरना - हा - दँदरहा
संगिया / किरिया परत्यय बिसेसन
बरात - इया - बरतिया
असाढ़ - इया - असढ़िया
पार - इया - परिया
जँवारा - इहा - जँवरिहा
गम्मत - इहा - गम्मतिहा
चउमास - इया - चउमासिया
भाँड़ा - वा - भँड़वा
खँच - वा - खँचवा
संझा - ती - संझाती
लोहा - टी - लोहाटी
दू नइते दू ले जादा सब्द के योग ले बने बिसेसन छत्तीसगढ़ी मा दू नइते दू ले जादा सब्द के जुड़े ले घलो के बिसेसन बनथे।
जइसे उदहारन -
लाल + मुहाँ - लालमुहाँ
काला + मुहाँ - कलमुहाँ
लाम + चोंच + वी - लमचोंचवी
बिसेसन के परकार -
बिसेसन पाँच परकार के होथे -
1. गुन बाचक
2. संखिया बाचक
3. सर्वनाम बाचक
4. सहीं बाचक
5. तुलना बाचक
1. गुन बाचक बिसेसन -
जउन सब्द ले कोनो संगिया नइते सर्वनाम के गुन बइगुन के गियान होथे वोला 'गुन बाचक बिसेसन' केहे जाथे।
जइसे -
1. टुरा हुसियार है। लइका गुनवान हे।
2. मरखंढा बइला तिर झन जा।
3. पिंवरा पाना मन झरगे।
4. पाके आमा मन झरगे।
ऊपर के उदहारन मा हुसियार, गुनवान, मरखंढा, पिंवरा , पाके मन गुन बाचक बिसेसन आय। गुनवान ले लइका के, मरखंढा ले बइला के, पिंवरा ले पाना, पाके ले आमा के, हुसियार ले टूरा के बिसेसता पता चलथे।
2. संखिया बाचक बिसेसन -
जउन सब्द ले संखिया के गियान होथे वोला 'संखिया बाचक बिसेसन' केहे जाथे। जइसे - चरदिनियाँ, बाराबाँटा, सब्बो कोनो, जम्मो झन, तिरभुज, दूमुहां।
3. सर्वनाम बाचक बिसेसन -
जउन सर्वनाम ले बिसेसन के संकेत होथे वोला 'सर्वनाम बाचक बिसेसन' कथे। छत्तिसगढ़ी मा पुरुस बाचक अउ निज वाचक सर्वनाम - 'मे, ते, ओ, अपन, सियम अउ 'खुद' ला छोड़ के बाकी सर्वनाम जब कोनो संगिया के आघू मा बिसेसन के रूप मा उपयोग होथे तब वोला 'सर्वनाम बाचक बिसेसन' कथे।
जइसे -
1. उहाँ गरवा बंधाथे।
2. सब जगा राम के रहवासा है।
ऊपर के बाक्य मा गरवा अउ जगा के आघू मा उहाँ अउ सब सर्वनाम विसेसन के रूप मा आए हे। एकर सेती ये मन सर्वनाम बाचक बिसेसन आय।
4. सही बाचक बिसेसन -
जउन सब्द ले 'के जइसन, के सही' ऊ (आदि) के गियान होथे वोला 'सही बाचक बिसेसन' केहे जाथे। ये बिसेसन ला संगिया नइते सर्वनाम के संग परत्यय जोड़ के बनाय जाथे।
जइसे -
1. यहू गाँव सहर- असन होगे।
2. फूल - कस चेहरा मुरझागे।
3. तूतरू कस मुहूँ होगे।
4. तोर सहीं आदमी दुनिया मा नइहे।
ऊपर के उदाहरन मा 'सहर' के संग 'असन' अउ 'फूल' संग 'कस' सब्द परत्यय के रूप मा आए है। एकर सेती 'गाँव' ले 'सहर' के अउ 'चेहरा' ले 'फूल' के बिसेसता दिखथे। सही बाचक बिसेसन बनाय बर 'अइसन, अस, असन, कस, सही' आदि परत्यय के उपयोग करे जाथे।
5. तुलना बाचक बिसेसन -
जउन सब्द ले दू नइते दू ले जादा जिनिस, भाव नइते गुन के तुलना करे के गियान होथे तब वोला 'तुलना बाचक बिसेसन' केहे जाथे। छत्तिसगढ़ी मा तुलना बाचक बिसेसन बनाय बर 'ले' के उपयोग जादा करे जाथे।
जइसे -
1. रामबती के झोरा मनटोरा ले बढ़िया है।
2. अपन घर मा सब ले जादा कमइया रामू हाबे।
कभू - कभू 'गे - गुजरे, चउदा बाँटा, सोला आना, बीसा' आदि सब्द जोड़ के घलो तुलना करे जाथे।
जइसे -
1. वो तो सब ले गे गुजरे है।
2. बाप ले चउदा बाँटा कंजूस वोकर बेटा हावे।
3. नवाँ बइला अपन जोड़ी ले बीसा आही।
बिसेस्य अउ बिसेसन - बाक्य मा बिसेसन के उपयोग कभू बिसेस्य के आघू मा होथे अउ कभू पाछू मा।
एकरे सेती बिसेसन के दू भेद होथे -
1. विसेस्य बिसेसन
2. विधेय बिसेसन
1. बिसेस्य बिसेसन - जउन बिसेसन के उपयोग बिसेस्य के आघू मा होथे वोला 'बिसेस्य बिसेसन' केहे जाथे।
जइसे -
1. मनकी दुलउरिन बेटी आय।
2. उज्जर कुरथा पहिरे हाबे।
ऊपर के बाक्य मा 'दुलउरिन', बेटी के अउ 'उज्जर' कुरथा के बिसेसन आय, जउन विसेस्य के आघू मा आए हे। एकरे सेती ये दुनो बिसेस्य बिसेसन आय।
2. बिधेय बिसेसन - जउन बिसेसन के उपयोग बिसेस्य के पाछु मा होथे वोला 'बिधेय बिसेसन' केहे जाथे।
जइसे -
कुआं के पानी निरमल हे।
रामू के पनही टुटहा हे।
ऊपर के बाक्य मा 'निरमल' पानी के अउ 'टुटहा' पनही के बिसेसता बतात हे, फेर ईंकर उपयोग 'पानी' अउ 'पनही' के पाछू मा होय के सेती ये दुनों विधेय बिसेसन आय।
इन्हें भी जरूर पढ़ें -
• छत्तीसगढ़ राज्य के अभ्यारण्य
• छत्तीसगढ़ी संज्ञा | छत्तीसगढ़ी व्याकरण
• छत्तीसगढ़ी विलोम शब्द | छत्तीसगढ़ी व्याकरण
0 Comments