छत्तीसगढ़ के प्रतीक चिन्ह | Symbol of Chhattisgarh | Chhattisgarh ke Pratik Chinha

छत्तीसगढ़ राज्य तेजी से विकसित हो रहे राज्यों में से एक है। छत्तीसगढ़ राज्य मध्यप्रदेश से अलग होने के बाद 1 नवंबर 2000 को अपने अस्तित्व में आया। छत्तीसगढ़ राज्य अपने लोक कला संस्कृति, व्यंजन, खनिज संपदा के साथ-साथ वन संपदा के लिए विद्यमान है। छत्तीसगढ़ राज्य के स्थापना के बाद राज्य लिए राजकीय प्रतीक चिन्ह बनाए गए है। राज्य के प्रतीक चिन्हों में राजकीय पशु, राजकीय पक्षी, राजकीय वृक्ष, राजकीय प्रतीक चिन्ह, राजकीय गमछा, राजकीय प्रतीक वाक्य, राजकीय गीत एवं राजकीय भाषा शामिल है।

Chhattisgarh ke pratik chinh

छत्तीसगढ़ का राजकीय पशु

• राजकीय पशु - वनभैंसा (Wild Buffalo)

• वैज्ञानिक नाम - Bubalus Bubalise / Bubalus Arnee

• घोषित - 2001

• अन्य नाम - नर वनभैंसा 'अरना' एवं मादा वनभैंसा 'अरनी'

• संकेंद्रण - उदंती अभ्यारण्य, पामेड़ अभ्यारण्य तथा इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान

• संकट - शेर, मानव शिकारी, रिंडरपेस्ट नामक बीमारी इनके लिए प्रमुख संकट है।

Van Bhainsa

छत्तीसगढ़ का राजकीय पक्षी

• राजकीय पक्षी - पहाड़ी मैना (Hill Myna)

• वैज्ञानिक नाम - Gracula religiosa peninsularis

• घोषित - 2001

• संकेंद्रण - बीजापुर, नारायणपुर, कोण्डागांव, जगदलपुर, कांगेर घाटी, गुप्तेश्वर, तिरिया, कुन्चा आदि वन क्षेत्र में है

• संरक्षण - कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में पहाड़ी मैना को संरक्षित किया जा रहा है

Pahadi Maina

छत्तीसगढ़ का राजकीय वृक्ष

• राजकीय वृक्ष - साल/ सरई (Saal / Sarai)

• वैज्ञानिक नाम - Shorea Robusta

• विस्तार - बस्तर के कोमलनार एवं मटनार क्षेत्र में ऊंचे-ऊंचे साल वृक्ष पाए जाते हैं, जो नेपाल के तराई के सामान है। बस्तर को साल वनों का द्वीप कहा जाता है। छत्तीसगढ़ में सर्वोत्तम किस्म के साल वन केशकाल घाटी (कोण्डागांव) में पाए जाते हैं।

• प्रकृति - साल वन पतझड़ वन है।

Saal Tree

छत्तीसगढ़ राज्य की आकृति

• राज्य की आकृति - समुद्री घोड़ा (Sea Horse) के समान

• आकृति निर्माण - 1905 में छत्तीसगढ़ का सर्वप्रथम मानचित्र स्वतः बना

• रेखा चित्र - 1918 में पंडित सुंदरलाल शर्मा ने राज्य का स्पष्ट रेखाचित्र अपनी पाण्डुलिपि में खिंचा

Sea Horse

छत्तीसगढ़ का राजकीय प्रतीक चिन्ह

छत्तीसगढ़ के राजकीय प्रतीक चिन्ह को 4 सितम्बर 2001 को राज्य शासन द्वारा स्वीकृति मिली।

36 गढ़ों से घिरा हुआ गोलाकार चिन्ह - हरा रंग

मध्य में भारत का प्रतीक अशोक स्तंभ - लाल रंग

धान की बालियां - सुनहरा रंग

ऊर्जा - नीला रंग

नदियों को रेखांकित करती लहरें - तिरंगों के रुप में

छत्तीसगढ़ के प्रतीक चिन्ह में उपरोक्त को शामिल किया गया है। किन्तु साल वृक्ष शामिल नहीं है।

Chhattisgarh Shasan

छत्तीसगढ़ का राजकीय गमछा

• लोकार्पण - 14 अक्टूबर, 2021

• निर्माण - टसर सिल्क और खादी से

• बुनाई - सिवनी-चांपा के बुनकरों के द्वारा

• माप - लंबाई 84 इंच और चौड़ाई 24 इंच

• अंकन - राजकीय पक्षी - पहाड़ी मैना , राजकीय पशु - वनभैंसा, गोदना चित्रकारी का, बस्तर के प्रसिद्ध गौर मुकुट, मांदर, लोक नृत्य करते लोक कलाकारों का, धान की बाली, हल जोतते किसान का, सरगुजा की पारंपरिक भित्ति चित्रकला

Chhattisgarhi Gamchha

छत्तीसगढ़ का राजकीय प्रतीक वाक्य

• प्रतीक वाक्य - "गढ़बो नवा छत्तीसगढ़" (छत्तीसगढ़ी भाषा में)

• अर्थ - नए छत्तीसगढ़ का निर्माण करेंगे

• घोषणा - सी.एम. भूपेश बघेल ने 26 जनवरी, 2019 को यह नारा दिया

• अधिसूचना - 05 जून 2019 को छत्तीसगढ़ का प्रतीक वाक्य बनाया गया

• स्लोगन - इस स्लोगन (गढ़बो नवा छत्तीसगढ़) का इस्तेमाल कांग्रेस द्वारा अपने घोषणा पत्र में किया गया था

• प्रमुख बिंदु - भाजपा सरकार ने प्रतीक वाक्य 'विश्वसनीय छत्तीसगढ़' दिया था। विश्वसनीय छत्तीसगढ़ नारे को भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन गडकरी ने दिया था।

Gadhabo Nava Chhattisgarh

• राजकीय गीत - अरपा पैरी के धार....

• रचयिता - डॉ. नरेन्द्र देव वर्मा

• लागू - 02 फरवरी 2020

• गायन - प्रत्येक शासकीय कार्यक्रम की शुरुआत में

• अवधि - 1 मिनट 15 सेकण्ड

• विधेयक का नाम - छत्तीसगढ़ राजभाषा (संशोधन) विधेयक - 2007

• विधेयक पारित - 28 नवंबर 2007

• छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस - 28 नवंबर

• राजपत्र में प्रकाशन - 11 जुलाई 2008

• छत्तीसगढ़ी राजभाषा अयोग का गठन - अगस्त 2008

• प्रथम कारोबारी बैठक - 14 अगस्त 2008

• कार्यालय का स्थापना दिवस - 14 अगस्त प्रतिवर्ष

• कार्यालय - राजभाषा आयोग, शहीद स्मारक भवन, रायपुर

• छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग अधिनियम, 2010 का प्रकाशन 2 सितम्बर 2010 को किया गया।

छत्तीसगढ़ महतारी प्रतिमा

• अनावरण - 01 नवंबर, 2022

• स्थान - कलेक्टोरेट चौक, रायपुर

• मूर्तिकार - पद्मश्री जे. एम्. नेल्सन

• प्रतिमा - धातु - कांस्य, ऊंचाई - 11 फुट

• प्रावधान - प्रदेश के सभी शासकीय कार्यक्रमों में प्रतिमा लगाना अनिवार्य है

Chhattisgarh Mahatari

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